सहारनपुर। राजवीर दीक्षित
(₹70 crore counterfeit coin racket busted; 5 arrested) उत्तर प्रदेश की सहारनपुर पुलिस ने 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने और उन्हें बाजार में खपाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने गिरोह के कथित सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने करीब 70 करोड़ रुपये मूल्य के नकली सिक्के बाजार में चलाने का दावा किया है।
सोनीपत में फैक्ट्री चलाने का दावा
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने हरियाणा के सोनीपत में 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार करने के लिए मशीनें और डाई लगाई थीं। यहां प्रतिदिन करीब 10 से 12 हजार सिक्के तैयार करने की क्षमता बताई गई है। पुलिस ने नकली सिक्कों के साथ मशीनें और अन्य सामान भी बरामद किया है।
हालांकि, सोनीपत पुलिस ने इस कार्रवाई से अनभिज्ञता जताई है। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, सहारनपुर पुलिस ने अभी तक सोनीपत में किसी फैक्ट्री पर छापा नहीं मारा है। ऐसे में फैक्ट्री के स्थान और वहां उत्पादन को लेकर जांच जारी है।
25 साल से नेटवर्क चलाने का आरोप
पुलिस ने गिरोह के कथित सरगना की पहचान पंजाब के जीरकपुर निवासी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह के रूप में बताई है। पुलिस के मुताबिक, वह पहले सुनार का काम करता था और बाद में नकली सिक्के बनाने के नेटवर्क से जुड़ गया। जांच में उसके पुराने आपराधिक संपर्कों और नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है।
दुकानों से टोल तक खपाने का दावा
पूछताछ में आरोपियों ने नकली सिक्कों को छोटे दुकानदारों, शराब के ठेकों और टोल प्लाजा जैसी जगहों पर चलाने की बात बताई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सिक्कों की सप्लाई किन लोगों के जरिए होती थी और नेटवर्क में कितने अन्य लोग शामिल हैं।
सहारनपुर में भी फैक्ट्री लगाने की तैयारी
पुलिस के अनुसार, गिरोह सहारनपुर में भी नकली सिक्के बनाने का नया ठिकाना तैयार करने की योजना बना रहा था। इसी दौरान पुलिस ने कार्रवाई कर पांच आरोपियों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से तैयार और अधबने सिक्कों के साथ मशीनें और डाई बरामद होने की बात कही गई है।
पांच आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब गिरोह के उत्पादन, सप्लाई और सिक्कों को बाजार में खपाने के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस का दावा है कि यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर नकली सिक्के बाजार में पहुंचा चुका है। हालांकि 70 करोड़ रुपये के आंकड़े को आरोपियों की पूछताछ में सामने आए दावे के रूप में देखा जा रहा है और मामले की जांच अभी जारी है।


















