चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Police 2016 Recruits Protest for Joining “) पंजाब पुलिस की वर्ष 2016 की कांस्टेबल भर्ती एक बार फिर सुर्खियों में है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के करीब 10 साल बाद भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे चयनित उम्मीदवारों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। गुरुवार को फरीदकोट में करीब 300 चयनित उम्मीदवारों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द से जल्द जॉइनिंग लेटर जारी करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि उन्होंने 2016 में पंजाब पुलिस की भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह सफलतापूर्वक पास किया था, लेकिन आज तक उन्हें नौकरी जॉइन करने का मौका नहीं मिला। उनका आरोप है कि सरकार ने बार-बार आश्वासन देने के बावजूद अब तक उनकी नियुक्ति नहीं की, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है।
उम्मीदवारों के अनुसार, वर्ष 2016 में पंजाब पुलिस में 7,316 कांस्टेबल पदों पर भर्ती निकाली गई थी। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5,581 उम्मीदवारों को जॉइनिंग लेटर जारी किए गए। इसके बाद आम आदमी पार्टी सरकार ने शेष चयनित उम्मीदवारों में से लगभग 500 लोगों को नियुक्ति पत्र दिए। हालांकि अब भी करीब 850 चयनित उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्हें नौकरी मिलने का इंतजार है।

प्रदर्शन में शामिल उम्मीदवारों ने बताया कि वे अबोहर, फतेहगढ़ साहिब, होशियारपुर समेत कई जिलों से फरीदकोट पहुंचे और पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के गांव संधवां स्थित आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि वर्षों से न्याय की मांग करते-करते कई उम्मीदवार सरकारी नौकरियों की अधिकतम आयु सीमा भी पार कर चुके हैं। वहीं, कई लोगों को मजबूरी में निजी कंपनियों या अन्य विभागों में नौकरी करनी पड़ी, जबकि सैकड़ों उम्मीदवार आज भी केवल अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि पिछले वर्षों में अपनी मांगों को लेकर किए गए आंदोलनों के दौरान कई उम्मीदवारों को 10 से 15 दिन तक जेल भी जाना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि जब चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो नियुक्ति में देरी का कोई औचित्य नहीं बनता।
अब प्रदर्शनकारी सरकार से मांग कर रहे हैं कि बिना किसी और देरी के सभी शेष 850 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं और उन्हें पंजाब पुलिस में तत्काल जॉइनिंग दी जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



















