Home Health हिमाचल में जंगली मशरूम बनी मुसीबत

हिमाचल में जंगली मशरूम बनी मुसीबत

एक ही परिवार के 8 लोग बीमार, 2 मासूमों की हालत गंभीर

कुल्लू। राजवीर दीक्षित।

(Wild mushrooms become a problem in Himachal) बरसात के मौसम में जंगल से लाई गई मशरूम की सब्जी खाना कुल्लू के एक परिवार को भारी पड़ गया। लगघाटी के दुर्गम दोघरी गांव में जंगली मशरूम की सब्जी खाने के बाद एक ही परिवार के 8 सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी, पेट दर्द और फूड प्वाइजनिंग जैसे लक्षण सामने आने के बाद सभी को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में भर्ती करवाया गया।

2 मासूमों की हालत गंभीर, शिमला रेफर

उपचार के बाद परिवार के 6 सदस्यों की हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं एक वर्षीय माहिरा और जाह्नवी की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों को बेहतर इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के एमएस डॉ. हीरा लाल ने मामले की पुष्टि की है।

जंगल से मशरूम लाना पड़ा भारी

परिवार के सदस्य बुधवार को घर के पास जंगल से मशरूम लेकर आए थे। इसके बाद घर में इसकी सब्जी बनाई गई और परिवार के आठ सदस्यों ने इसे खाया। कुछ ही समय बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। घटना के बाद गांव में भी चिंता का माहौल है।

विशेषज्ञों की चेतावनी—पहचान के बिना न खाएं जंगली मशरूम

विशेषज्ञों के अनुसार हर जंगली मशरूम खाने योग्य नहीं होती। जहरीली प्रजातियां कई बार देखने में सामान्य मशरूम जैसी ही दिखाई देती हैं। वनस्पतिशास्त्री डॉ. तारा देवी सेन के मुताबिक केवल रंग, आकार, गंध या स्वाद के आधार पर मशरूम की पहचान करना सुरक्षित नहीं है। इसकी सही पहचान के लिए वैज्ञानिक और वनस्पति संबंधी विशेषताओं की जांच जरूरी है।

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि विशेषज्ञ की वैज्ञानिक पहचान के बिना जंगल से लाई गई मशरूम का सेवन न करें। संदेह होने पर प्रयोगशाला जांच करवाना ही सुरक्षित विकल्प है।

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