चंडीगढ़/गुरुग्राम। राजवीर दीक्षित
(IAS officer gets relief from High Court on retirement day) हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. डी. सुरेश कुमार को रिटायरमेंट के दिन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गुरुग्राम एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की ओर से प्लॉट आवंटन मामले में दर्ज FIR के बीच हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि यदि जांच के दौरान उनकी हिरासत की जरूरत पड़ती है तो पुलिस या ACB को उन्हें कम से कम 7 दिन पहले नोटिस देना होगा। मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर 2026 को होगी।
सेक्टर-39 के प्लॉट आवंटन को लेकर दर्ज हुई FIR
गुरुग्राम के सेक्टर-39 स्थित प्लॉट नंबर 257-A के कथित गलत आवंटन को लेकर 23 जुलाई 2026 के एक पत्र के आधार पर डॉ. डी. सुरेश समेत 9 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। मामले में गुरुग्राम ACB की ओर से FIR नंबर 35 दर्ज की गई।
याचिका में SOP के पालन पर उठाए सवाल
डॉ. डी. सुरेश की ओर से अदालत में दलील दी गई कि जांच की मंजूरी देने की प्रक्रिया में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से 3 सितंबर 2021 को जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन नहीं किया गया। उनके वकीलों ने इसी आधार पर कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठाए।
वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी के रिटायरमेंट से ठीक पहले उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करना उन्हें परेशान करने और सेवा संबंधी लाभों से वंचित करने की कोशिश है।
सरकार ने कहा- पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत हुई
राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले में FIR दर्ज करने की मंजूरी 29 जुलाई 2026 को मिली थी। इसके बाद 3 अगस्त को मामला विजिलेंस ब्यूरो, गुरुग्राम को भेजा गया। 13 अगस्त को ड्राफ्ट मुख्यालय भेजा गया और 25 अगस्त को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद 26 अगस्त 2026 को FIR दर्ज की गई।
सरकार ने अदालत में दावा किया कि मामले में सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और कार्रवाई नियमानुसार हुई है।
आज सेवा से रिटायर हो रहे डी. सुरेश
डॉ. डी. सुरेश हरियाणा कैडर के 1995 बैच के IAS अधिकारी हैं। करीब तीन दशक के प्रशासनिक करियर में उन्होंने शहरी विकास, शिक्षा सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां संभाली हैं। वर्तमान में वह हरियाणा सरकार के मत्स्य विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे।
12 अगस्त 1966 को आंध्र प्रदेश में जन्मे डी. सुरेश ने MBA की डिग्री हासिल की है। 2024 की शुरुआत में उन्होंने मत्स्य विभाग के प्रधान सचिव का पद संभाला था। 31 अगस्त 2026 को उनका रिटायरमेंट है और इसी दिन हाईकोर्ट का यह आदेश सामने आया।



















