कुरुक्षेत्र। राजवीर दीक्षित
(Farmers’ protest ends; consensus reached on 3 issues!) धान की सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच चल रहा गतिरोध बुधवार शाम खत्म हो गया। आपके दिए अपडेट के मुताबिक, किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद तुलाई, गेट पास और बायोमैट्रिक प्रक्रिया को लेकर सहमति बनी। इससे पहले 22 सितंबर को कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में किसानों ने हाईवे की ओर बढ़ने की कोशिश की थी, जिसके दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।
DC और गुरनाम चढ़ूनी के बीच हुई बैठक
किसान बुधवार को बराड़ा हाईवे (स्टेट हाईवे-4) के पास धरने पर बैठे थे। दोपहर में किसानों ने हाईवे की ओर जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया।
इसके बाद किसान नेताओं को रेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां BKU (चढ़ूनी) नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी और DC विश्राम कुमार मीणा के बीच करीब दो घंटे बैठक हुई।
3 अहम मुद्दों पर बनी सहमति
बैठक के बाद किसानों की प्रमुख समस्याओं को लेकर ये फैसले सामने आए—
- कल से धान की तुलाई शुरू करने पर सहमति।
- 25 सितंबर से गेट पास काटने की प्रक्रिया शुरू होगी।
- किसानों को दोबारा बायोमैट्रिक प्रक्रिया के लिए नहीं आना होगा।
प्रशासन की टीम मंडी में जहां किसान की धान की ढेरी लगी है, वहीं जाकर बायोमैट्रिक से जुड़ी समस्या का समाधान करेगी।
फैसले के बाद खत्म हुआ धरना
इन फैसलों के बाद किसानों ने अपना धरना खत्म कर दिया। धरना समाप्त होने के बाद किसानों ने हाईवे पर जश्न मनाया और डांस किया।
इससे पहले प्रशासन की ओर से धान की खरीद को लेकर 25-26 सितंबर से प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव सामने आया था, हालांकि मंगलवार रात किसान नेता गुरनाम चढ़ूनी ने तत्काल इस पर सहमति नहीं दी थी।
किसान नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान कुरुक्षेत्र के अलावा करनाल और पानीपत में कुछ किसान नेताओं को हिरासत/डिटेन किए जाने की खबरें सामने आई थीं। यमुनानगर में भी कुछ किसानों को रोके जाने की बात सामने आई।
रादौर थाने में किसानों के पुलिसकर्मियों के साथ बैठकर खाना खाने का वीडियो भी सामने आया, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हुई।
22 सितंबर को हुआ था टकराव
इससे पहले 22 सितंबर को धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर किसान शाहाबाद में NH-44 की ओर बढ़े थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और स्थिति बिगड़ने पर वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।
नोट: 23 सितंबर की उपलब्ध रिपोर्टों में उस समय किसान आंदोलन जारी बताया गया था; ऊपर का “धरना खत्म” और तीन बिंदुओं पर सहमति वाला अपडेट आपके दिए ताजा विवरण के आधार पर शामिल किया गया है।



















