Home Himachal Pradesh अस्पताल पहुंचते ही बिगड़ी हालत, थोड़ी देर बाद मौत! ऊना में हंगामा,...

अस्पताल पहुंचते ही बिगड़ी हालत, थोड़ी देर बाद मौत! ऊना में हंगामा, डॉक्टर पर FIR

ऊना । राजवीर दीक्षित

(Condition worsened upon reaching the hospital; death followed shortly after! Uproar in Una, FIR registered against the doctor) क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में उपचार के दौरान हरपाल सिंह सुनेहरा निवासी की मौत हो गई। उनकी मौत के बाद परिजनों में रोष फैल गया। मृतक के स्वजन ने अस्पताल के चिकित्सकों पर उपचार में कथित कोताही बरतने के आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने शव को स्ट्रेचर पर रखकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया और मामले की निष्पक्ष जांच करवाने के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। इस दौरान मृतक के परिजनों का कहना था कि उपचार के दौरान आखिर ऐसी क्या स्थिति बनी, जिसके बाद हरपाल सिंह की मौत हो गई। परिवार पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग कर रहा है। वहीं, महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा के प्रदेशाध्यक्ष अमित कुमार वाल्मीकि भी मौके पर पहुंचे और मृतक के स्वजन के साथ अस्पताल प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। अमित कुमार वाल्मीकि ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी चिकित्सक की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मृतक के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और मामले को दबाने के बजाय इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। अमित कुमार वाल्मीकि ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। फिलहाल मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

लापरवाही साबित हुई तो नहीं बख्शे जाएं जिम्मेदार

परिजनों का कहना है कि अगर इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो जिम्मेदार चिकित्सक और स्टाफ की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि इंसाफ चाहिए।

सीने में दर्द लेकर खुद अस्पताल पहुंचा मरीज, इलाज से पहले ही मौत का आरोप

मृतक के भाई के मुताबिक, हरपाल सिंह खुद चलकर अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा था। उसने डॉक्टरों को सीने में दर्द की शिकायत बताई थी। परिजनों का आरोप है कि गंभीर शिकायत के बावजूद उसकी जरूरी जांच समय पर नहीं की गई और न ही तत्काल उचित उपचार शुरू किया गया। कुछ देर बाद हरपाल सिंह की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में आक्रोश है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार डॉक्टर और स्टाफ पर कार्रवाई तथा परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है।

मौके पर पहुंचे बड़े अधिकारी, परिवार की मांग पर दर्ज हुई FIR

मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय राणा और तहसीलदार विपन कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की।

अधिकारियों ने परिवार को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्वजन की मांग पर पुलिस ने धारा 106(1) के तहत गैर-इरादतन लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया।

FIR दर्ज होने के बाद परिवार पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुआ। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।

इलाज मांगता रहा हरपाल, 3 बार खुद बेड से उठा… फिर भी नहीं बची जान!

सुबह की शुरुआत हरपाल के परिवार के लिए एक दर्दनाक हादसे में बदल गई। परिजनों के मुताबिक, करीब 6 बजे हरपाल को छाती में दर्द की शिकायत के चलते इमरजेंसी में लाया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि अस्पताल पहुंचते ही उसे तुरंत इलाज मिलेगा, लेकिन आरोप है कि ऐसा नहीं हुआ।
हरपाल दर्द से तड़पता रहा और इलाज के लिए बार-बार मदद मांगता रहा। परिवार का कहना है कि वह तीन बार खुद बेड से उठकर स्टाफ के पास गया, लेकिन उसे समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका। करीब एक घंटे बाद उसकी जान चली गई।
अब परिवार का सीधा सवाल है—अगर मरीज खुद चलकर मदद मांग रहा था, तो उसकी हालत को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया?

परिजनों के आरोपों पर अस्पताल का जवाब—‘मरीज को बचाने की पूरी कोशिश हुई’

मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के एमएस डॉ. संजय मनकोटिया ने अस्पताल का पक्ष सामने रखा। उन्होंने कहा कि मरीज को इमरजेंसी में चिकित्सक ने उचित उपचार दिया था। उनके अनुसार, मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने मरीज को बचाने के लिए अपनी ओर से हर संभव प्रयास किया। उन्होंने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।

शव गृह में ही हुआ पोस्टमार्टम, मेडिकल टीम ने संभाली प्रक्रिया

स्वजन की मांग को देखते हुए हरपाल का पोस्टमार्टम क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के शव गृह में ही करवाया गया। अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए विशेष मेडिकल टीम का गठन किया, जिसने पूरी प्रक्रिया को पूरा किया। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने विभागीय स्तर पर जांच के लिए एक विशेष कमेटी गठित करने की बात कही है। अब इस कमेटी की जांच से मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Translate »
error: Content is protected !!