Home Himachal Pradesh बद्दी में टला बड़ा हादसा! पैकेजिंग कंपनी में भड़की आग, 100 से...

बद्दी में टला बड़ा हादसा! पैकेजिंग कंपनी में भड़की आग, 100 से ज्यादा कामगारों को सुरक्षित निकाला

बद्दी । राजवीर दीक्षित

(Major disaster averted in Baddi! Fire breaks out at packaging company; over 100 workers safely evacuated) औद्योगिक क्षेत्र थाना के तहत स्थित पैकेजिंग एवं प्रिंटिंग कंपनी विनटेक में सोमवार शाम करीब पांच बजे अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में पहली मंजिल से उठती आग की लपटें तीसरी मंजिल तक पहुंच गईं। देखते ही देखते पूरी कंपनी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और चारों तरफ धुआं ही धुआं नजर आने लगा।

आग की रफ्तार इतनी तेज थी कि कंपनी में रखा सामान देखते ही देखते आग के हवाले होता चला गया। कंपनी में बड़ी मात्रा में रखा कच्चा माल और तैयार माल आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते लाखों का सामान जलकर राख हो गया। आग की भयावहता के बीच सबसे बड़ी चुनौती कंपनी में मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालना था। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते कंपनी में काम कर रहे 100 से अधिक कामगारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस रेस्क्यू के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है। अगर समय रहते कामगारों को बाहर नहीं निकाला जाता, तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे।

आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए अभियान शुरू किया। आग की स्थिति को देखते हुए एक-दो नहीं, बल्कि कुल सात फायर टेंडर मौके पर लगाए गए। इनमें बद्दी से चार, नालागढ़ से एक और निजी कंपनियों के दो फायर टेंडर शामिल रहे। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

समाचार लिखे जाने तक दमकल विभाग की टीमें मौके पर मौजूद थीं और आग पर पूरी तरह काबू पाने के लिए लगातार प्रयास जारी था। आग के कारण कंपनी के भीतर का तापमान और धुआं इतना अधिक था कि दमकल कर्मियों को भी काफी चुनौती का सामना करना पड़ा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए बद्दी के एसडीएम डॉ. संजीव धीमान, तहसीलदार सुरेंद्र जीत और थाना प्रभारी शिव राम कृष्ण भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्य की स्थिति की जानकारी ली।

प्रशासनिक अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन और दमकल विभाग के अधिकारियों से भी आग लगने की घटना को लेकर जानकारी हासिल की। अधिकारियों ने यह भी देखा कि आग पर काबू पाने के लिए कंपनी की ओर से किस तरह के सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। लेकिन आग की लपटों के बीच अब कंपनी की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आया कि कंपनी में पर्याप्त फायर फाइटिंग सिस्टम उपलब्ध नहीं था। बताया जा रहा है कि आग बुझाने के लिए मौके पर केवल तीन सिलेंडरों के सहारे प्रयास किए जा रहे थे। इससे कंपनी की फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

इतना ही नहीं, मौके पर मि33ले इन सिलेंडरों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बताया गया कि इनमें से कई सिलेंडरों की रिफिलिंग कई वर्ष पहले की गई थी। अब सवाल यह है कि जिस कंपनी में बड़ी मात्रा में कच्चा और तैयार माल रखा था, वहां आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त और प्रभावी इंतजाम क्यों नहीं थे?

फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, मशीनरी से कोई चिंगारी निकली या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।

दमकल विभाग और प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच टीम आग लगने के कारणों के साथ-साथ कंपनी में मौजूद अग्नि सुरक्षा उपकरणों और सुरक्षा व्यवस्था की भी पड़ताल कर रही है।

वहीं, आग की इस घटना में कंपनी के कच्चे माल और तैयार माल को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि कुल कितने का नुकसान हुआ है, इसका सही आकलन फिलहाल नहीं हो पाया है। प्रशासन और संबंधित विभागों की जांच पूरी होने के बाद ही आग से हुए कुल आर्थिक नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

फिलहाल सबसे ब3ड़ी राहत यही है कि भीषण आग के बावजूद कंपनी में मौजूद 100 से अधिक कामगारों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। लेकिन इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में फायर सेफ्टी इंतजामों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

 

Translate »
error: Content is protected !!