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सुक्खू सरकार की मंजूरी के बाद बड़ा फैसला, PWD चीफ इंजीनियर नरेंद्र पाल चौहान लेंगे VRS

शिमला । राजवीर दीक्षित

(Major decision following Sukhu government’s approval: PWD Chief Engineer Narendra Pal Chauhan to take VRS) हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंडी जोन से एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। मंडी जोन के मुख्य अभियंता यानी चीफ इंजीनियर ई. नरेंद्र पाल सिंह चौहान अब सरकारी सेवा से समय से पहले विदाई लेने जा रहे हैं। उन्होंने अपनी इच्छा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS के लिए सरकार के समक्ष आवेदन किया था, जिसे प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। सरकार की ओर से उनकी समयपूर्व सेवानिवृत्ति को लेकर औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग की नियुक्ति-I शाखा की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, इंजीनियर नरेंद्र पाल सिंह चौहान आगामी 31 दिसंबर की दोपहर बाद अपने पद से कार्यमुक्त हो जाएंगे। इसके साथ ही उनकी सरकारी सेवा औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगी और वह पूरी तरह से सेवानिवृत्त माने जाएंगे। यानी 31 दिसंबर के बाद PWD मंडी जोन में चीफ इंजीनियर के पद पर उनकी जिम्मेदारी नहीं रहेगी।

नरेंद्र पाल सिंह चौहान के समयपूर्व रिटायरमेंट के बाद अब मंडी जोन के चीफ इंजीनियर का महत्वपूर्ण पद खाली हो जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में इस पद पर नए अधिकारी की तैनाती को लेकर प्रशासनिक हलचल बढ़ने की संभावना है। विभाग के भीतर अब इस बात पर भी नजर रहेगी कि सरकार मंडी जोन की कमान किस अधिकारी को सौंपती है। नए चीफ इंजीनियर की नियुक्ति को लेकर आने वाला फैसला PWD के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधान सचिव (कार्मिक) एम. सुधा देवी की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि प्रदेश के राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (समयपूर्व सेवानिवृत्ति) नियम, 2022 के नियम 4(2) के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह मंजूरी प्रदान की है। यह मंजूरी मुख्य अभियंता ई. नरेंद्र पाल सिंह चौहान के स्वयं के अनुरोध पर उनकी समयपूर्व सेवानिवृत्ति के लिए दी गई है।

यानी यह सेवानिवृत्ति किसी विभागीय कार्रवाई या सरकार की ओर से लिए गए एकतरफा फैसले का नतीजा नहीं है, बल्कि स्वयं चीफ इंजीनियर की ओर से VRS के लिए दिए गए अनुरोध के आधार पर प्रक्रिया पूरी की गई है। सरकार की मंजूरी और औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद अब उनकी सरकारी सेवा से विदाई की तारीख भी तय हो गई है।

अब सबसे अहम सवाल यह है कि 31 दिसंबर के बाद PWD मंडी जोन की कमान किस अधिकारी के हाथों में होगी? चीफ इंजीनियर जैसे महत्वपूर्ण पद के खाली होने के बाद विभागीय स्तर पर नई नियुक्ति को लेकर गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। आने वाले समय में सरकार की ओर से नए चीफ इंजीनियर की तैनाती का आदेश जारी किया जा सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच नरेंद्र पाल सिंह चौहान की समयपूर्व सेवानिवृत्ति PWD मंडी जोन में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखी जा रही है। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं कि मंडी जोन की जिम्मेदारी के लिए किस अधिकारी को चुना जाता है और विभाग के कामकाज को आगे किस नेतृत्व के तहत संचालित किया जाएगा।

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