फाजिल्का । राजवीर दीक्षित
सचदेवा ने कहा कि अब आढ़तियों के लिए यह आकलन करना मुश्किल होगा कि कितना धान बह गया और अलग-अलग किसानों को कितना नुकसान हुआ है।
वहीं, आढ़ती सुमंत सेतिया ने लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जमा पानी की निकासी के बाद नुकसान का उचित आकलन किया जाए और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए।
इस बीच, फाजिल्का मार्केट कमेटी के सचिव मनदीप कामरा ने इस घटना को प्राकृतिक आपदा बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पंपिंग मोटरों की मदद से जमा पानी निकालने का काम शुरू कर दिया है और कुछ ही घंटों में पानी की निकासी पूरी होने की उम्मीद है।
फाजिल्का की डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने बताया कि मंडी बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है।


















