द टारगेट न्यूज़:
अमृतसर के सीमावर्ती बेल्ट में पिछले 33 दिनों के दौरान भारी मात्रा में हथियारों और नशीले पदार्थों की बरामदगी ने अवैध हथियार तस्करी के बढ़ते दायरे को उजागर कर दिया है। इस अवधि में पुलिस और अन्य एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाइयों में 120 से अधिक पिस्तौल, दो एके-47 असॉल्ट राइफल, एक एम16 राइफल और पांच हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। इन लगातार हो रही बरामदगियों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह शहर हथियारों और ड्रग्स की तस्करी का एक प्रमुख गलियारा बन गया है। पंजाब पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जैसे सहयोगी संगठनों द्वारा चलाए गए अभियानों से यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तान स्थित संगठित नेटवर्क और उनके स्थानीय सहयोगी ड्रोन तथा स्थानीय कोरियर के माध्यम से सीमावर्ती राज्य में अत्याधुनिक हथियार धकेल रहे हैं। एके-47, एम16 राइफलों और हैंड ग्रेनेड जैसे सैन्य श्रेणी के हथियारों की बरामदगी से सीमावर्ती जिलों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को खतरनाक और अत्याधुनिक हथियारों की उपलब्धता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। पिछले एक वर्ष से अधिक समय में पंजाब में पुलिस कर्मियों और प्रतिष्ठानों पर लक्षित हमलों में भी तेजी देखी गई है। इस बात की खासी संभावना है कि पड़ोसी देश से तस्करी कर लाए गए इन हथियारों का इस्तेमाल ऐसी वारदातों, गैंग की आपसी रंजिशों और अन्य संगठित अपराधों में किया गया है। हालिया अभियानों की एक श्रृंखला में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने दो किशोरों समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर 16 पिस्तौल और सात कारतूस जब्त किए। एक अन्य मामले में अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने एक सेवारत सेना के जवान सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर 14 पिस्तौल और 20.130 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। रविवार को भी अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों को गिरफ्तार कर पांच पिस्तौल जब्त किए। घारिंडा पुलिस ने नौशहरा पन्नुआं (तरनतारन) के अमृतपाल सिंह और चाविंदा गांव के हरप्रताप सिंह को पकड़ा, जबकि राजासांसी पुलिस ने बलिया गांव के जगदेव सिंह और राणे काले गांव के आकाशदीप सिंह को तीन पिस्तौल और कुल 273 ग्राम हेरोइन के साथ दबोचा। एक अन्य घटना में घारिंडा पुलिस ने रोरावाला कलां सीमावर्ती गांव से 550 ग्राम हेरोइन, एक पिस्तौल और एक टूटा हुआ ड्रोन बरामद किया। इसके अलावा, बीएसएफ ने रानियां सीमा चौकी के पास से भी एक पिस्तौल बरामद की। ताजा बरामदगियों से यह स्पष्ट होता है कि अमृतसर सीमावर्ती बेल्ट में चुनौती केवल मादक पदार्थों की तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि संदिग्ध सीमा पार नेटवर्क के जरिए अत्याधुनिक हथियारों और विस्फोटकों की आवाजाही भी इस क्षेत्र में एक बड़ी सुरक्षा चिंता का विषय बन गई है।

















