द टारगेट न्यूज़:
पंचकूला में संपत्ति धोखाधड़ी के एक मामले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 15 लोगों से 6.72 करोड़ रुपये ठगने के आरोपी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस से बचने के लिए उसने एक अजीबोगरीब तरीका अपनाया और खुद को लापता घोषित करवाते हुए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। आरोपी की पहचान अनमोल अरोड़ा के रूप में हुई है, जिसे अदालत में पेश किया गया और आगे की पूछताछ व अन्य संदिग्ध धोखाधड़ी मामलों की जांच के लिए पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस उपायुक्त अदिति सिंह के अनुसार, आरोपी ने शहर के एक प्रमुख प्रॉपर्टी डीलर से करीबी संबंध होने का दावा करके और संपत्ति के लेनदेन के जरिए मुनाफे का वादा करके निवेशकों का भरोसा जीता था। सेक्टर 7 पुलिस स्टेशन में यह मामला 15 मई 2026 को एक स्थानीय निवासी की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अरोड़ा ने बिक्री का एक फर्जी समझौता तैयार करके उसके साथ लगभग 81.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी के खिलाफ सेक्टर 7 पुलिस स्टेशन में इसी तरह के तीन अन्य मामले भी दर्ज हैं। उसने पंचकूला जिले में लगभग 15 लोगों से 6.72 करोड़ रुपये की ठगी की है, जबकि उसके खिलाफ कई अन्य शिकायतों की भी जांच की जा रही है। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उसने सेक्टर 7 थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और खुद के गायब होने का नाटक किया था। हालांकि, ईओडब्ल्यू के प्रभारी तजिंदर पाल सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने उसे ट्रैक किया और सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी संपत्ति के लेनदेन में प्रवेश करने से पहले दस्तावेजों की पूरी तरह से जांच करें और संदिग्ध धोखाधड़ी की तुरंत सूचना दें। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा कि फर्जी संपत्ति दस्तावेजों के जरिए लोगों को ठगने और उनकी गाढ़ी कमाई हड़पने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

















