कुल्लू।राजवीर दीक्षित
दिवाली पर जश्न के साथ पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए कुल्लू प्रशासन ने पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एसडीएम जयवंती ठाकुर के आदेशानुसार दिवाली के दिन केवल ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी। आतिशबाजी का समय रात 8 बजे से 10 बजे तक निर्धारित किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पटाखों की बिक्री केवल उन्हीं दुकानदारों को करने दी जाएगी, जिनके पास पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) का वैध लाइसेंस होगा। अस्थायी दुकानों को भी अग्नि सुरक्षा के सभी निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
आदेशों के मुताबिक अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और अन्य घोषित साइलेंस जोन के आसपास पटाखे चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। आतिशबाजी केवल निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही की जा सकेगी। बाजारों और रिहायशी इलाकों के नजदीक पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी।
निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज वाले पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। वहीं, लड़ियों और श्रृंखलाबद्ध पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन ने कुल्लू उपमंडल में पटाखों की बिक्री और सार्वजनिक आतिशबाजी के लिए छह स्थान निर्धारित किए हैं।
-
नेहरू पार्क, सरवरी
-
रामबाग अखाड़ा
-
रथ मैदान, ढालपुर
-
मेला मैदान, भुंतर
-
जिया पुल के नीचे, भुंतर
-
काली माता मंदिर के पास, सराभाई
इनमें रामबाग अखाड़ा सार्वजनिक आतिशबाजी के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि बाकी पांच स्थानों पर पटाखों की बिक्री होगी। संबंधित तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्रों में लाइसेंस जारी करेंगे। दुकानदार केवल अधिकृत कंपनियों से प्राप्त स्वीकृत पटाखे ही बेच सकेंगे।
प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल दिवाली मनाने की अपील की है। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने दिवाली से काफी पहले ही बाजारों में पटाखों की बिक्री शुरू होने पर चिंता जताई है।
लोगों के मुताबिक दशहरा उत्सव शुरू होने से पहले ही शहर की कई दुकानों पर पटाखे बिकने लगे थे। अखाड़ा बाजार, सुल्तानपुर, सरवरी और लोअर ढालपुर जैसे इलाकों में बच्चों को पटाखे चलाते हुए भी देखा गया।
स्थानीय निवासियों ने भीड़भाड़ वाले बाजारों और रिहायशी इलाकों में पटाखे बेचने वाली दुकानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से दिवाली से कम से कम एक महीने पहले ही निगरानी बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की अपील की है।
अब देखना होगा कि दिवाली के लिए जारी सख्त आदेशों को प्रशासन जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू कर पाता है।


















