चंडीगढ़।राजवीर दीक्षित
₹30 लाख की कथित रिश्वत मांगने के मामले में आरोपी अधिवक्ता जतिन सलवान को चंडीगढ़ की CBI अदालत से राहत नहीं मिली। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले में सलवान के कथित सहयोगी सतनाम सिंह को भी आरोपी बनाया गया है।
CBI के अनुसार, फिरोजपुर सिटी निवासी हरसिमरनजीत सिंह ने शिकायत में आरोप लगाया था कि बठिंडा अदालत में चल रहे उनकी चचेरी बहन के तलाक मामले में अनुकूल आदेश दिलाने के लिए ₹30 लाख की मांग की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इसके लिए संबंधित न्यायिक अधिकारी पर निजी प्रभाव होने की बात कही गई।
CBI ने अगस्त 2026 में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के मुताबिक, जांच के बाद जाल बिछाया गया और आरोपियों से कथित तौर पर ₹4 लाख बरामद किए गए। FIR में CBI ने एक रिकॉर्डेड बातचीत का भी उल्लेख किया है, जिसके बारे में एजेंसी का दावा है कि उसमें ₹30 लाख की रिश्वत मांगने की बात सामने आती है।
आरोपी पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि जतिन सलवान को झूठा फंसाया गया है।
जमानत का विरोध करते हुए सरकारी वकील नरेंद्र सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इसमें न्यायिक अधिकारी पर प्रभाव का दावा करके कथित तौर पर अनुकूल आदेश दिलाने के लिए रिश्वत मांगी गई।
अदालत ने पाया कि बरामदगी के गवाह और शैडो गवाह के बयान अभी दर्ज होने बाकी हैं। अदालत ने कहा कि इस स्तर पर आरोपियों के जमानत पर बाहर आने से गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी। मामला अभी आरोपों और जांच के दायरे में है; आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।


















