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DA केस में चीफ सेक्रेटरी पर अवमानना का शिकंजा, HC ने मांगा जवाब

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित 

(Contempt proceedings loom over Chief Secretary in DA case; HC seeks response) पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लंबित DA/DR भुगतान मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चीफ सेक्रेटरी K.A.P. सिन्हा को अवमानना का नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि सुप्रीम कोर्ट में दायर SLP की स्थिति को लेकर अदालत के सामने दी गई जानकारी में गंभीर विसंगति है।

मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की डिवीजन बेंच ने सिन्हा को हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा है कि कथित तौर पर गलत जानकारी देने के मामले में उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। उन्हें 9 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया है।

SLP की खामियों पर फंसी सरकार

मामले में पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के DA संबंधी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए SLP दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से SLP की स्थिति पर रिपोर्ट मंगवाई। रिपोर्ट में सामने आया कि रजिस्ट्री की ओर से बताई गई खामियां अब तक दूर नहीं की गई थीं। यह स्थिति चीफ सेक्रेटरी की ओर से पहले दिए गए उस बयान से अलग थी, जिसमें SLP की खामियां दूर कर दोबारा दाखिल करने की बात कही गई थी।

इसी आधार पर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी किया। फिलहाल यह कारण बताओ नोटिस है; अदालत ने अभी चीफ सेक्रेटरी को अवमानना का दोषी घोषित नहीं किया है।

सरकार की ‘बेंच हंटिंग’ दलील पर भी कोर्ट सख्त

सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने दलील दी कि इसी आदेश के अनुपालन को लेकर एकल पीठ के समक्ष अवमानना याचिका लंबित है। उन्होंने आवेदकों पर ‘बेंच हंटिंग’ का आरोप भी लगाया।

कोर्ट ने इस टिप्पणी पर वकील को सावधानी बरतने को कहा और स्पष्ट किया कि वह मामले में राजनीतिक पहलू पर नहीं जाएगी। बेंच ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अपील करना सरकार का अधिकार है, लेकिन अपील दाखिल करने की प्रक्रिया अनिश्चित समय तक लंबित नहीं रह सकती।

DA विवाद की जड़ क्या है?

पूरा विवाद पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को लंबित महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के भुगतान से जुड़ा है। 3 अगस्त के अपने आदेश में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को लंबित DA/DR किस्तों के भुगतान के निर्देश दिए थे और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।

राज्य सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन SLP की रजिस्ट्री संबंधी खामियों को लेकर हाईकोर्ट में लगातार सवाल उठते रहे।

9 अक्टूबर को फिर आमना-सामना

अब मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। चीफ सेक्रेटरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह स्पष्ट करना होगा कि SLP की स्थिति को लेकर अदालत के सामने दिए गए बयान और सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की रिपोर्ट में अंतर क्यों सामने आया।

DA बकाया विवाद में अब मामला सिर्फ भुगतान तक सीमित नहीं रहा—SLP की स्थिति और कोर्ट के सामने दी गई जानकारी ने कानूनी पेंच और बढ़ा दिया है।

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