अमृतसर। राजवीर दीक्षित
(Demand for an All-India Act for Gurdwaras; Jhinda appeals to the Jathedar) हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज से मुलाकात कर देशभर के गुरुद्वारों के लिए ‘ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट’ बनाने की मांग उठाई। झींडा का कहना है कि देशभर में गुरुद्वारों के बेहतर और एकरूप प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कानून की जरूरत है।
झींडा ने कहा कि 1925 का सिख गुरुद्वारा एक्ट मौजूदा परिस्थितियों के लिहाज से पुराना हो चुका है। देश के विभाजन के बाद सिख समुदाय विभिन्न राज्यों में फैल गया है, ऐसे में गुरुद्वारा प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की जरूरत है।
राष्ट्रीय कमेटी बनाने की मांग
झींडा ने केंद्र सरकार से नेशनल सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (NSGMC) गठित करने की मांग भी रखी। उनके अनुसार, इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से सिख समुदाय के चुने हुए प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र, बिहार, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सहित अन्य राज्यों के सिखों को भी प्रतिनिधित्व देने की बात कही।
उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने लद्दाख से अभियान शुरू किया है और आगे विभिन्न राज्यों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, सांसदों व जनप्रतिनिधियों को मांगपत्र सौंपे जाएंगे।
‘एक झंडा, एक निशान’ पर जोर
झींडा ने सिख पंथ की एकता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि समुदाय को ‘एक झंडा, एक निशान’ के तहत एकजुट करने की जरूरत है। उन्होंने जत्थेदार से पंथक एकता के लिए मार्गदर्शन और पहल करने की अपील की।
अकाल तख्त की मर्यादा पर भी बोले
झींडा ने कहा कि धार्मिक तख्तों की मर्यादा को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों और नेताओं से अपील की कि वे अपने राजनीतिक एवं व्यक्तिगत विवाद धार्मिक संस्थाओं से बाहर रखें और श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा व सम्मान बनाए रखें।


















