चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Congress High Command Sends Signal?”) नई दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की अहम बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह रही कि बैठक में आमतौर पर प्रदेश अध्यक्षों और राज्य प्रभारियों को ही बुलाया गया था, लेकिन सिंगला की उपस्थिति ने पंजाब कांग्रेस में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को नया बल दे दिया।
बैठक में पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और राजस्थान के प्रभारी के रूप में सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा भी मौजूद रहे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव होता है तो विजय इंदर सिंगला प्रमुख दावेदारों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, भूपेश बघेल अब तक चुनावों तक राजा वड़िंग को अध्यक्ष बनाए रखने के पक्ष में माने जाते हैं।
सूत्रों के अनुसार बैठक में पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, संगठन की मजबूती और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्य नेतृत्व से जमीनी फीडबैक भी लिया।
इस बीच, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में लड़े जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता केवल कांग्रेस को सत्ता में वापस लाना है और वह किसी भी जिम्मेदारी में पार्टी की सेवा करने के लिए तैयार हैं।
विजय इंदर सिंगला की बैठक में मौजूदगी भले ही आधिकारिक रूप से स्पष्ट न की गई हो, लेकिन इससे पंजाब कांग्रेस के भीतर संभावित बदलावों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजरें कांग्रेस हाईकमान के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।



















