आयोग की अधिसूचना के अनुसार, नगर निगम के मौजूदा सदन का कार्यकाल 7 जनवरी 2027 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में नए सदन का समय पर गठन सुनिश्चित करने के लिए कार्यकाल खत्म होने से पहले चुनाव करवाना जरूरी है।
4,60,209 मतदाता तय करेंगे पार्षदों का भविष्य
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, चंडीगढ़ की ओर से 22 सितंबर को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में शहर के कुल 4,60,209 मतदाता दर्ज हैं। यही सूची नगर निगम के सभी 35 वार्डों में चुनाव कराने का आधार बनेगी।
नामांकन तक अपडेट होगी सूची
राज्य निर्वाचन आयोग ने अलग मतदाता सूची तैयार करने में लगने वाले समय और अतिरिक्त खर्च से बचने के लिए मौजूदा सूची अपनाने का फैसला किया है। अधिसूचना के मुताबिक, अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धाराओं 22 और 23 के तहत किए गए संशोधनों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख तक मतदाता सूची में किए गए संशोधन शामिल किए जाएंगे। इससे निर्धारित समय सीमा के भीतर नाम जुड़वाने या मतदाता विवरण में बदलाव करवाने वाले पात्र लोगों को संबंधित वार्ड की सूची में शामिल करने का प्रावधान रहेगा।
अब नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया के अगले चरणों पर नजर रहेगी। आयोग का यह फैसला चुनाव से पहले मतदाता सूची तैयार करने में लगने वाले अतिरिक्त समय और खर्च को कम करने की दिशा में अहम कदम है।


















