जालंधर। राजवीर दीक्षित
(Raids on sweet shops; 75 kg of suspicious paneer seized!) खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। फूड सेफ्टी विंग की टीम ने शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे किशनपुरा सब्जी मंडी के पास मिठाई की दुकानों और खाद्य सामग्री की सप्लाई की जांच की। कार्रवाई के दौरान करीब 75 किलो संदिग्ध पनीर सीज किया गया, जबकि खोया और पनीर के तीन सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
टीम ने कार्रवाई की शुरुआत इलाके से गुजर रही एक संदिग्ध गाड़ी की जांच से की। इसके बाद मंडी के पास स्थित दो मिठाई की दुकानों पर औचक निरीक्षण किया गया। यहां रखे खोया और पनीर की गुणवत्ता की जांच की गई।
जांच के दौरान करीब 75 किलो पनीर प्रथम दृष्टया निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके बाद विभाग ने पनीर को कब्जे में लेकर सील कर दिया।
लैब रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर
अधिकारियों के मुताबिक, पनीर और खोया के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खाद्य सामग्री में मिलावट थी या गुणवत्ता से जुड़ी कोई अन्य खामी।
यदि रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सीज किए गए पनीर को नियमानुसार नष्ट भी कराया जा सकता है।
दूसरे जिले से आया था पनीर
जांच में सामने आया कि संबंधित दुकानदार ने पनीर दूसरे जिले से मंगवाया था। हालांकि, मौके पर उसकी खरीद का बिल या जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए हैं कि खाद्य सामग्री की खरीद हमेशा पक्के बिल के साथ करें, ताकि उसके स्रोत और सप्लाई चेन का रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
मिठाई दुकानों से लेकर होटल-ढाबों तक जांच
विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। आने वाले दिनों में मिठाई की दुकानों के अलावा रेस्टोरेंट, ढाबों और होटलों में भी औचक निरीक्षण किया जाएगा।
अधिकारियों ने कारोबारियों को साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है।



















