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पंजाब में आंधी-तूफान से बिजली ढांचे को भारी नुकसान, PSPCL को करीब 19.54 करोड़ रुपये का झटका

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित

(Strong Winds and Storms Cause Extensive Damage to Power Infrastructure in Punjab; PSPCL Suffers Losses of Around ₹19.54 Crore.)पंजाब के विभिन्न हिस्सों में पिछले 36 घंटों के दौरान तेज रफ्तार हवाओं और गरज-चमक के साथ आए तूफान ने बिजली ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों बिजली पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

प्रारंभिक आकलन के अनुसार, PSPCL को लगभग 19.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जो हाल के वर्षों में सबसे बड़े नुकसानों में से एक माना जा रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान राज्य के बॉर्डर और सेंट्रल जोन में दर्ज किया गया है।

हजारों पोल और ट्रांसफार्मर हुए क्षतिग्रस्त-
PSPCL अधिकारियों के मुताबिक, तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और पेड़ उखड़ गए। इसके चलते राज्य के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।विभाग को हजारों शिकायतें प्राप्त हुईं और कुछ क्षेत्रों में लोगों को 10 घंटे से अधिक समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।

220 केवी लाइनें भी हुईं प्रभावित-
PSPCL के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तेज आंधी के कारण 220 केवी सप्लाई लाइनें और ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए।
उन्होंने कहा कि विभाग की फील्ड टीमें लगातार दिन-रात काम कर रही हैं और अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष क्षेत्रों में भी जल्द आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

नुकसान का पूरा ब्यौरा-
तूफान के कारण बिजली ढांचे को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची है। विभाग के अनुसार—
8,492 से अधिक बिजली पोल क्षतिग्रस्त हुए।
1,466 ट्रांसफार्मर खराब हुए।
लगभग 4 किलोमीटर हाई-टेंशन केबल को नुकसान पहुंचा।
220 किलोमीटर से अधिक लो-टेंशन बिजली तारें क्षतिग्रस्त हुईं।
इसके अलावा कई अन्य उपकरण और बुनियादी ढांचा भी प्रभावित हुआ।
जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रही घटनाएं
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की घटनाओं की आवृत्ति बढ़ रही है।

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि बिजली ढांचे को मजबूत बनाने और भविष्य में वित्तीय नुकसान कम करने के लिए विस्तृत अध्ययन और दीर्घकालिक योजना की जरूरत है।
एक विशेषज्ञ ने बताया कि पहले इस प्रकार के तूफान दो साल में एक या दो बार आते थे, लेकिन पिछले तीन वर्षों से हर साल दो से तीन बार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं और बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रही हैं।

बिजली मांग में भी आई भारी गिरावट-
तूफान का असर राज्य की बिजली मांग पर भी देखने को मिला।
गुरुवार शाम पंजाब का बिजली लोड कुछ ही समय में 14,000 मेगावाट से घटकर लगभग 3,170 मेगावाट रह गया। इसके परिणामस्वरूप ग्रिड से करीब 3,700 मेगावाट बिजली की अंडर-ड्रॉलिंग दर्ज की गई।
बिजली मांग में अचानक आई गिरावट के कारण PSPCL को ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने के लिए अपने थर्मल बिजली संयंत्रों का उत्पादन भी कम करना पड़ा।
हालांकि अब बिजली की मांग फिर बढ़कर लगभग 10,000 मेगावाट के आसपास पहुंच गई है।

धान सीजन के बीच राहत लेकर आई बारिश-
इस बीच हालिया बारिश PSPCL के लिए कुछ राहत लेकर आई है, क्योंकि पंजाब में धान की रोपाई का सीजन तेजी पकड़ रहा है।
इंजीनियरों के अनुसार, कृषि क्षेत्र को प्रतिदिन आठ घंटे सुनिश्चित बिजली आपूर्ति देनी होती है, जिससे आने वाले दिनों में बिजली मांग बढ़ने की संभावना है। लेकिन हालिया वर्षा के कारण किसानों को कुछ दिनों तक ट्यूबवेल कम चलाने पड़ेंगे, जिससे बिजली खपत में अस्थायी कमी देखने को मिल सकती है।

चुनौती और बढ़ी-
विशेषज्ञों का कहना है कि धान सीजन के दौरान बिजली की मांग लगातार बढ़ती है। ऐसे समय में बार-बार आने वाले तूफान और बदलते मौसम के कारण बिजली ढांचे की मजबूती और रखरखाव की चुनौती भी बढ़ गई है। इसलिए भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए मजबूत और आधुनिक बिजली नेटवर्क विकसित करना समय की आवश्यकता बन गया है।

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