रूपनगर। राजवीर दीक्षित
(“Illegal Mining Scars Shivalik Hills Near Nangal “) पंजाब के नंगल-गढ़शंकर रोड पर स्थित शाहपुर और कोट गांव के पास शिवालिक की संवेदनशील पहाड़ियों में बड़े पैमाने पर कथित अवैध खनन का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीब एक सप्ताह पहले भारी मशीनों की मदद से कम से कम पांच स्थानों पर मिट्टी, रेत और पत्थरों की खुदाई की गई। इस दौरान सैकड़ों टिपर ट्रकों के जरिए सामग्री दिनदहाड़े ले जाई गई, जबकि पहाड़ियों पर लगे कई पेड़ भी उखाड़ दिए गए।

ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद वन विभाग, खनन विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने सवाल उठाया कि जहां किसानों द्वारा अपने खेतों से थोड़ी मात्रा में मिट्टी या पत्थर उठाने पर तुरंत कार्रवाई होती है, वहीं पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील शिवालिक क्षेत्र में कथित बड़े पैमाने पर हुई खुदाई पर प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
बताया जा रहा है कि जिस क्षेत्र में खुदाई हुई, वहां हाल ही में वन विभाग ने पौधारोपण किया था। अब वहां पहाड़ियों पर गहरे निशान और क्षतिग्रस्त पौधारोपण स्थल साफ दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों को आशंका है कि इससे बरसात के दौरान मिट्टी का कटाव, भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं, जिससे सड़क संपर्क भी प्रभावित हो सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि यह गतिविधि वन, खनन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों का उल्लंघन है। हालांकि राजनीतिक संरक्षण के आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, इस मामले पर जब डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर हरभजन सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें फिलहाल इस कथित पहाड़ी कटाई की जानकारी नहीं है। उन्होंने मामले की जांच करवाने के बाद ही कुछ कहने की बात कही।



















