शिमला । राजवीर दीक्षित
(CM Sukhu’s major crackdown on drug smugglers; the public now has a right to their assets) मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नशा तस्करों के खिलाफ सरकार का रुख साफ करते हुए कहा कि नशे के कारोबार से करोड़ों की अवैध संपत्ति खड़ी करने वालों को अब अपनी कमाई का पूरा हिसाब देना होगा। नशे के पैसे से बनाई गई आलीशान कोठियां, होटल, दुकानें, जमीन और महंगी गाड़ियां अब कार्रवाई के दायरे में आएंगी। उन्होंने कहा कि यह संपत्ति उन गरीब परिवारों की है, जिनके बच्चों का भविष्य नशे ने बर्बाद किया है। सरकार नशे के कारोबार से जुड़ी एक-एक अवैध संपत्ति को चिन्हित कर जब्त करेगी।
सुक्खू का बड़ा ऐलान: नशा तस्करों की अवैध संपत्ति पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार नशा तस्करी के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि तस्करी से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने के साथ-साथ नशे के आर्थिक नेटवर्क को भी निशाना बनाया जा रहा है। नूरपुर में जब्त संपत्तियों में कोठी, भूमि, होटल, दुकानें, वाहन और बैंक खाते शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की अवैध कमाई से खड़ी की गई संपत्ति वास्तव में उन परिवारों के दर्द की कीमत है, जिनके बच्चे नशे के कारण अपना भविष्य खो रहे हैं। सरकार का उद्देश्य नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क को कमजोर करना और उसकी आर्थिक नींव को खत्म करना है।
29.95 करोड़ की संपत्ति पर पुलिस का शिकंजा, नूरपुर में नशा माफिया के खिलाफ बड़ा एक्शन
नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ नूरपुर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। 17 मामलों में अब तक 29.95 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। कार्रवाई से साफ है कि पुलिस अब सिर्फ तस्करों तक पहुंचने के बजाय उनकी अवैध कमाई और संपत्ति पर भी शिकंजा कस रही है। सवाल यह है कि आने वाले दिनों में नशा नेटवर्क से जुड़े और कितने लोगों की संपत्तियां कार्रवाई के दायरे में आएंगी?
प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि हिमाचल की पहचान देवभूमि के रूप में है और इसे नशे के जाल में फंसाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का फोकस केवल छोटे स्तर के तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े आर्थिक तंत्र पर कार्रवाई करने पर है।



















