बिलासपुर । राजवीर दीक्षित
(Major crackdown on drug smugglers in Himachal! 6 cars, gold, and assets worth crores seized) हिमाचल प्रदेश पुलिस ने चिट्टा तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर दिया है। अब पुलिस की कार्रवाई सिर्फ तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के कारोबार से जुटाई गई संपत्तियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। अभियान के पहले चरण में पुलिस ने नशा तस्करी के सात मामलों में संलिप्त 10 आरोपितों की 1 करोड़ 35 लाख 16 हजार 242 रुपये से अधिक की संपत्ति सीज की है। पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने यह संपत्ति कथित तौर पर नशे के कारोबार से कमाई थी, लेकिन इसके लिए उनके पास आय या संपत्ति के वैध स्रोत का कोई प्रमाण नहीं था।
अब चिट्टा तस्करों की कमाई पर भी पुलिस की नजर है। गिरफ्तारी के साथ-साथ अवैध संपत्ति पर कार्रवाई कर पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि नशे के कारोबार से जुटाई गई दौलत को सुरक्षित नहीं रहने दिया जाएगा।
संपत्ति का हिसाब नहीं दे पाए तस्कर, सब कुछ हुआ सीज
पुलिस की आर्थिक जांच में आरोपितों से उनकी संपत्ति के वैध स्रोतों का ब्यौरा मांगा गया। लेकिन तस्कर न तो संतोषजनक जवाब दे पाए और न ही पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत कर सके। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए मकान, वाहन, बैंक खाते और सोने के बिस्किट सीज कर दिए। जांच में अब यह भी खंगाला जा रहा है कि नशे के कारोबार से कितनी संपत्ति जुटाई गई थी।
अजय की संपत्ति पर पुलिस का शिकंजा
लगड़ बरमाणा निवासी अजय कुमार उर्फ आजाद को 6.17 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस ने उसकी संपत्ति की जांच की। कार्रवाई के दौरान दो कारें, बैंक खाते में जमा 6.33 लाख रुपये और निर्माणाधीन मकान सीज कर दिए गए।
पुलिस के मुताबिक, जब्त संपत्ति की कुल कीमत 21.21 लाख रुपये से अधिक है। अजय के खिलाफ नशा तस्करी के तीन मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।गिरफ्तारी के बाद अब संपत्ति पर भी कार्रवाई—नशा तस्करों पर पुलिस का डबल अटैक।
नशा तस्कर अनिल पर बड़ा एक्शन, सोने के बिस्किट से लेकर मकान तक सीज
पंजगाई बिलासपुर निवासी अनिल कुमार उर्फ पिंटू पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नशा तस्करी के मामले में आरोपी अनिल के खिलाफ पहले से 9 मुकदमे दर्ज हैं। कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से 100 ग्राम सोने के बिस्किट और मकान जब्त किया गया। जब्त संपत्ति की कुल कीमत 30 लाख 53 हजार 334 रुपये बताई गई है।
पुलिस की इस कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। कार्रवाई का मकसद नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति पर शिकंजा कसना है।
चरस के साथ आर्थिक नेटवर्क पर भी प्रहार
कुल्लू के मलाणा और मंडी के काच्योट से जुड़े दो लोगों के खिलाफ चरस तस्करी के मामले में कार्रवाई की गई है। दोनों के कब्जे से 1.8 किलोग्राम चरस बरामद हुई थी। इसके बाद जांच के तहत 11.58 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति सीज की गई।
इसमें वाहन और बैंक खातों में जमा राशि शामिल है।कार्रवाई का फोकस अब केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी नहीं, बल्कि उससे जुड़े कथित आर्थिक संसाधनों पर भी है।
राकेश का लाखों का मकान सील
घुमारवीं में 57.3 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले में आरोपी राकेश की संपत्ति पर कार्रवाई की गई है। बालू टेण्ठा निवासी राकेश का 39,53,681 रुपये कीमत का मकान पूरी तरह सीज कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार उसके खिलाफ सात मामले पहले से दर्ज हैं।अब नशे के आरोपियों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई का सिलसिला तेज होता दिख रहा है।
5.7 किलो चरस के साथ पकड़ा तस्कर, बैंक खाते पर भी पुलिस की नजर
भुट्टी, कुल्लू निवासी जीवन सिंह को बिलासपुर में 5.7 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने उसके बैंक खाते में जमा 6 लाख 7 हजार 598 रुपये की रकम भी सीज कर दी है। चरस तस्करी के आरोपों में गिरफ्तारी के बाद अब पैसों के लेन-देन की भी जांच शुरू हो गई है।
दो कारें और लाखों की संपत्ति सीज
गांव रूआ, तहसील बिलासपुर निवासी उमेश और कंदरौर निवासी अजय सिंह को 21.2 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने अब दोनों के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए उनकी दो कारों और बैंक खातों में जमा रकम को सीज कर दिया है। सीज की गई संपत्ति की कुल कीमत 13 लाख 21 हजार 287 रुपये बताई गई है।नशे के कारोबार से जुड़ी संपत्ति पर भी अब कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है।
14.5 ग्राम चिट्टा मिला तो सीज हुई 13 लाख की संपत्ति
चिट्टा बरामदगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अमन कुमार और अरुण से 14.5 ग्राम चिट्टा बरामद होने के बाद पुलिस ने एक गाड़ी और एक बाइक को अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया। दोनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये है।
बिलासपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ अपनी रणनीति में आर्थिक कार्रवाई को भी शामिल करने के संकेत दिए हैं। एसपी अभिषेक धीमान ने कहा कि अब कार्रवाई केवल आरोपितों की गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी। नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति की भी जांच होगी। वैध स्रोत साबित न होने पर चल-अचल संपत्ति के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पुलिस का फोकस अब नशे के नेटवर्क के साथ उसकी कमाई पर भी



















