नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(Big blow for mobile recharges! Prices could rise by up to 15% in December) मोबाइल यूजर्स की जेब पर एक बार फिर बड़ा बोझ पड़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुमान के मुताबिक, दिसंबर 2026 में टेलीकॉम कंपनियां मोबाइल टैरिफ में करीब 15 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के करोड़ों ग्राहकों का मासिक रिचार्ज खर्च बढ़ जाएगा।
टेलीकॉम कंपनियों पर नेटवर्क विस्तार, स्पेक्ट्रम और नई तकनीक में लगातार निवेश का दबाव है। दूसरी ओर डेटा इस्तेमाल बढ़ने के बावजूद प्रति ग्राहक औसत कमाई उसी रफ्तार से नहीं बढ़ रही। ऐसे में कंपनियां महंगे प्लान और ज्यादा कमाई वाले ग्राहकों पर फोकस कर रही हैं।
जियो ने दिए टैरिफ बढ़ोतरी के संकेत?
रिलायंस जियो ने हाल में जियोप्राइम सदस्यता को दोबारा शुरू किया है। इसे कंपनी की अतिरिक्त कमाई बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। अगर जियो टैरिफ बढ़ाता है तो बाकी टेलीकॉम कंपनियों पर भी कीमतों में बदलाव का दबाव बढ़ सकता है।
एयरटेल का सस्ता प्लान बंद
भारती एयरटेल भी प्रति ग्राहक कमाई बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रहा है। कंपनी ने 299 रुपये वाला शुरुआती रोजाना अनलिमिटेड डेटा रिचार्ज बंद कर दिया है। इसका मकसद ग्राहकों को ज्यादा कीमत वाले प्लान की ओर ले जाना और औसत राजस्व बढ़ाना माना जा रहा है।
मोतीलाल ओसवाल के अनुमान के अनुसार, करीब 15 फीसदी टैरिफ बढ़ोतरी होने पर एयरटेल की कमाई और परिचालन मुनाफे को बड़ा फायदा मिल सकता है।
Vi के लिए टैरिफ बढ़ोतरी क्यों अहम?
वोडाफोन आइडिया के लिए टैरिफ बढ़ोतरी और भी महत्वपूर्ण हो सकती है। कंपनी लंबे समय से वित्तीय दबाव का सामना कर रही है और कारोबार को मजबूत करने के लिए पूंजी जुटाने की कोशिश में है।
अगर पूरे बाजार में रिचार्ज महंगे होते हैं तो Vi की प्रति ग्राहक कमाई बढ़ सकती है, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति सुधारने में मदद मिल सकती है। हालांकि, जियो और एयरटेल की तुलना में Vi की मौजूदा स्थिति अलग है।
जियो IPO से भी बढ़ सकता है दबाव
जियो प्लेटफॉर्म्स के संभावित IPO को लेकर भी बाजार में हलचल है। मोतीलाल ओसवाल ने जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन करीब 11.2 लाख करोड़ रुपये आंका है। ब्रोकरेज के मुताबिक, जियो के IPO और Vi की पूंजी जुटाने की कोशिशों के बीच टैरिफ बढ़ोतरी की संभावना और महत्वपूर्ण हो सकती है।
अगर दिसंबर में 15 फीसदी तक टैरिफ बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ ग्राहकों के रिचार्ज बिल पर नहीं, बल्कि तीनों कंपनियों की कमाई, मुनाफे और बाजार में प्राइसिंग पावर पर भी पड़ेगा।
यानी आने वाले महीनों में टेलीकॉम की लड़ाई सिर्फ ज्यादा ग्राहक जोड़ने की नहीं, बल्कि हर ग्राहक से ज्यादा कमाई करने की भी होगी।

















