हमीरपुर । राजवीर दीक्षित
(Indigenous drone developed for the Army; Himachal Governor honors Sarvesh) हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के युवा नवप्रवर्तक सर्वेश शर्मा ने अपनी प्रतिभा और तकनीकी सोच का शानदार प्रदर्शन किया है। सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज हमीरपुर के छात्र सर्वेश ने भारतीय सेना के लिए स्वदेशी ‘रुद्र एज टी-1 (स्पेक्ट्रा)’ ड्रोन विकसित किया है। उनके इस ड्रोन प्रोजेक्ट को रक्षा मंत्रालय से 3.5 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है।
सर्वेश की इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर राज्यपाल ने सर्वेश की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उनका काम हिमाचल प्रदेश के युवाओं में मौजूद प्रतिभा, नवाचार और तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करता है।
राज्यपाल ने स्वदेशी रक्षा तकनीक विकसित करने की दिशा में सर्वेश के समर्पण, दूरदृष्टि और लगातार किए गए प्रयासों की भी प्रशंसा की।
सर्वेश की उपलब्धि यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बीच भी युवा नई तकनीक के जरिए देश की जरूरतों में योगदान दे सकते हैं।
छात्र के इनोवेशन से प्रभावित हुए राज्यपाल
राज्यपाल ने सर्वेश के साथ बातचीत में उसके ड्रोन प्रोजेक्ट को लेकर कई सवाल किए। उन्होंने ड्रोन की तकनीकी विशेषताओं से लेकर इसे तैयार करने में आई परेशानियों तक की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने पूछा कि आखिर इस तरह के प्रोजेक्ट पर काम करने का विचार छात्र के मन में कैसे आया।
युवा प्रतिभा और इनोवेशन पर राज्यपाल ने विशेष रुचि दिखाई।
सर्वेश शर्मा की उपलब्धि से युवाओं को मिली नई प्रेरणा
राज्यपाल ने युवाओं से सर्वेश शर्मा की सफलता से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा नवाचार, अनुसंधान, तकनीक और उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर तलाशें और प्रदेश का नाम रोशन करें। संदेश साफ है—नई सोच, नई तकनीक और नए प्रयोग ही युवाओं को सफलता की ओर ले जा सकते हैं।
मजदूर पिता की मेहनत रंग लाई, बेटे सर्वेश ने रचा सफलता का नया अध्याय
सर्वेश के पिता ने दिहाड़ी मजदूरी कर अपने बेटे की पढ़ाई का खर्च उठाया। मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। सर्वेश ने भी पिता की मेहनत को अपनी सफलता में बदलते हुए कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के पांचवें सेमेस्टर में ही बड़ी उपलब्धि हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है।



















