बद्दी । राजवीर दीक्षित
(Forest official arrested in Himachal for accepting a bribe of ₹22,000) बद्दी में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक ब्लॉक फॉरेस्ट ऑफिसर और उसके साथी को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों ने एक ठेकेदार से खैर के पेड़ों की कटाई की निर्धारित अवधि बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के बाद विजिलेंस ने मामले की जांच की और इसके बाद ट्रैप लगाकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
विजिलेंस जांच के अनुसार, पट्टा मेहलोग के ब्लॉक फॉरेस्ट ऑफिसर सतीश कुमार ने पेड़ों की कटाई की समय-सीमा बढ़ाने के बदले ठेकेदार से रिश्वत मांगी। ठेकेदार तय अवधि में पेड़ों को काटने का काम पूरा नहीं कर सका था, जिसके बाद उसने अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था। आरोप है कि इसी मांग को मंजूरी देने के लिए रिश्वत मांगी गई।
ठेकेदार ने रिश्वत की मांग से परेशान होकर VACB से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद बद्दी यूनिट ने तथ्यों का सत्यापन किया और इसके बाद ट्रैप की कार्रवाई की।
पट्टा मेहलोग स्थित अधिकारी के कार्यालय में टीम ने जाल बिछाया। निर्धारित योजना के तहत कार्रवाई करते हुए सतीश कुमार और उसके साथी नरेश कुमार को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया।
विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में भी हड़कंप मच गया। मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और रिश्वत प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
रिश्वतखोरी के इस मामले में विजिलेंस विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी रिश्वत की मांग और लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा सकती है।



















