Home Sports एशियन गेम्स में भारत का धमाका, छठे दिन 5 मेडल

एशियन गेम्स में भारत का धमाका, छठे दिन 5 मेडल

नागोया (जापान)। टारगेट न्यूज नेटवर्क 

(India’s blast in Asian Games, 5 medals on the sixth day) जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स के छठे दिन भारत के लिए मेडल्स की झड़ी लगी। भारत ने शुक्रवार को कुल 5 मेडल अपने नाम किए, जिसमें शूटिंग का गोल्ड और गुलवीर सिंह का 10 हजार मीटर में सिल्वर शामिल रहा। इन सफलताओं के साथ भारत मेडल टैली में 12वें स्थान पर पहुंच गया।

हालांकि, बैडमिंटन में भारत को बड़ा झटका लगा। पिछली बार गोल्ड जीतने वाली सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी पुरुष डबल्स के पहले ही राउंड में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

गुलवीर सिंह ने 10 हजार मीटर में जीता सिल्वर

भारत के गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 28:29.38 मिनट में रेस पूरी की और शानदार प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर जगह बनाई।

शूटिंग में 2 मिनट में 2 मेडल

शूटिंग में भारत ने बेहद शानदार शुरुआत की। सुबह 9 बजे सुरुचि और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड जीता।

इसके महज दो मिनट बाद भारत ने 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम इवेंट में सिल्वर अपने नाम कर लिया।

10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम फाइनल में भारतीय जोड़ी ने 484.6 अंक हासिल किए, जबकि दक्षिण कोरिया 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहा। ईरान ने 415.8 अंक के साथ ब्रॉन्ज जीता।

50 मीटर राइफल में चीन से पीछे रहा भारत

50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम इवेंट में भारतीय टीम ने 1762 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल जीता। चीन ने 1766 अंक के साथ गोल्ड और दक्षिण कोरिया ने 1751 अंक के साथ ब्रॉन्ज हासिल किया।

कमलजीत ने चोट के बाद बदला खेल

हरियाणा के रेवाड़ी के सुलखा गांव के रहने वाले कमलजीत पहले एथलेटिक्स में हिस्सा लेते थे। साल 2019 में चोट के बाद उन्हें एथलेटिक्स छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने शूटिंग को अपना करियर बनाया।

शुरुआती संघर्ष के दौरान कई बार उनके मन में शूटिंग छोड़ने का विचार आया, लेकिन परिवार के सहयोग से उन्होंने अभ्यास जारी रखा। करीब 2-3 साल की मेहनत के बाद उन्होंने शूटिंग में अपनी पहचान बनाई।

पहलवान बनना था, शूटर बन गईं सुरुचि

हरियाणा के झज्जर की 20 वर्षीय सुरुचि इंदर सिंह ने 13 साल की उम्र में शूटिंग शुरू की थी। परिवार उन्हें पहलवान बनाना चाहता था, लेकिन उन्होंने शूटिंग को अपना करियर चुना।

वह भिवानी की गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग एकेडमी में कोच सुरेश सिंह से ट्रेनिंग लेती हैं।

कबड्डी में भी भारत की बड़ी एंट्री

भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीमें फाइनल में पहुंच चुकी हैं, जिससे दोनों वर्गों में गोल्ड की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

इन मेडल्स के साथ भारत ने एशियन गेम्स में अब तक 2 गोल्ड समेत 21 मेडल अपने नाम किए हैं। हालांकि बैडमिंटन में सात्विक-चिराग की हार भारत के लिए बड़ा झटका रही।

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