पानीपत | राजवीर दीक्षित
(Innocent child sold for ₹1 lakh! 2 accused arrested) पानीपत में 5 साल के मासूम के अपहरण के मामले में पुलिस ने सात दिन के भीतर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बच्चे को ₹1 लाख में बेचने का सौदा किया था और आगे उसे ₹3 लाख में बेचने की तैयारी थी। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
30 जवानों की टीमें, सैकड़ों CCTV खंगाले
बच्चे के लापता होने की सूचना मिलते ही पानीपत पुलिस ने जांच तेज कर दी। SP मेधा भूषण के निर्देश पर करीब 30 जवानों की अलग-अलग टीमें बनाई गईं। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सैकड़ों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
वहीं साइबर टीम ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान सुंदरपुर और शंकर से जुड़े अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे। इसके बाद संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी गई।
₹1 लाख में खरीदने का सौदा, ₹3 लाख में बेचने की तैयारी
पुलिस के मुताबिक, जांच में बच्चे के अपहरण के पीछे कथित खरीद-फरोख्त की योजना सामने आई है। पानीपत से बच्चे को अगवा करने वाले आरोपी ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर निवासी एक व्यक्ति से ₹1 लाख में बच्चे को बेचने का सौदा किया था।
बताया जा रहा है कि सीतापुर निवासी आरोपी बच्चे को आगे ₹3 लाख में किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की तैयारी में था। हालांकि बच्चे को आगे किस उद्देश्य से बेचा जाना था, इसका खुलासा पुलिस की आगे की जांच में होगा।
तीसरे आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बच्चे की खरीद-फरोख्त की पूरी योजना के बारे में जानकारी जुटा रही है।
मामले में तीसरे आरोपी की तलाश भी जारी है। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।



















