जोगेंद्रनगर (मंडी)। राजवीर दीक्षित
(History made after 44 years! Sawan Barwal wins a major marathon medal for the country) हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के जोगेंद्रनगर से ताल्लुक रखने वाले धावक सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। आइची-नागोया, जापान में आयोजित एशियाई खेलों की पुरुष मैराथन स्पर्धा में सावन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकाला और रजत पदक अपने नाम किया। सावन की यह उपलब्धि सिर्फ एक पदक तक सीमित नहीं है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर कर दिया। लंबी दूरी की इस कठिन दौड़ में आखिरी किलोमीटर तक उन्होंने अपनी रफ्तार और हौसला बनाए रखा और देश को गौरवान्वित किया। सबसे खास बात यह है कि सावन के इस रजत पदक के साथ एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में भारत का 44 साल लंबा पदक इंतजार खत्म हो गया। भारत ने इससे पहले 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में इस स्पर्धा में पदक जीता था। यानी 44 साल बाद एक बार फिर भारतीय धावक ने एशियन गेम्स की मैराथन में तिरंगा ऊंचा किया है। इतना ही नहीं, विदेशी धरती पर पुरुष मैराथन में एशियन गेम्स का यह भारत का पहला पदक भी है। हिमाचल के इस बेटे की ऐतिहासिक दौड़ ने पूरे देश को गर्व का मौका दिया है।
2012 में जोगेंद्रनगर से निकला था ये धावक… अब एशिया में लहराया तिरंगा!
जिस सफर की शुरुआत वर्ष 2012 में जोगेंद्रनगर के खेल प्रशिक्षण केंद्र से हुई थी, आज वही सफर एशियन गेम्स के मंच तक पहुंच चुका है। सावन बरवाल ने कोच गोपाल ठाकुर के मार्गदर्शन में लंबी दूरी की दौड़ की बारीकियां सीखीं। शुरुआती दौर में ही उनकी मेहनत रंग लाई और वर्ष 2012 से 2018 के बीच उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में आठ पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई। इसके बाद वर्ष 2019 में भारतीय सेना में शामिल होना उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुआ। सेना में उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, अनुशासन और उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं का मंच मिला। लेकिन असली धमाका हुआ वर्ष 2026 में। मैराथन में पदार्पण करते हुए सावन ने 48 वर्ष पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन ने उन्हें एशियन गेम्स तक पहुंचाया। और अब एशियन गेम्स में रजत पदक जीतकर सावन ने साबित कर दिया कि बड़े सपने देखने वालों के लिए कोई मंजिल दूर नहीं होती। जोगेंद्रनगर की पगडंडियों से शुरू हुआ सफर… अब एशिया के पोडियम तक पहुंच चुका है।
सावन की जीत ने कोच गोपाल ठाकुर का सपना किया साकार, बोले- गर्व का पल है
सावन बरवाल के एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने पर उनके कोच गोपाल ठाकुर ने उन्हें और उनके पूरे परिवार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक कोच के लिए इससे बड़ा गर्व का पल और क्या हो सकता है कि जिस खिलाड़ी को उसने मेहनत से तैयार किया, वही खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करे। गोपाल ठाकुर ने कहा कि सावन ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन, लगन और लगातार अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि सावन की इस उपलब्धि में उसकी वर्षों की मेहनत, संघर्ष और मैदान पर बिताए अनगिनत घंटे दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि सावन की सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जोगेंद्रनगर और हिमाचल प्रदेश को गौरवान्वित किया है। एक कोच के रूप में उन्हें अपने शिष्य की इस उपलब्धि पर बेहद गर्व है। उन्होंने सावन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वह आने वाले समय में भी इसी जुनून के साथ खेलता रहे और देश के लिए लगातार पदक जीतकर हिमाचल का नाम दुनिया भर में रोशन करे।
पहले 48 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा… अब अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया!
सावन बरवाल की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही। अप्रैल 2026 में रोटरडैम में भारतीय मैराथन इतिहास में बड़ा नाम दर्ज कराने वाले सावन ने अब एशियन गेम्स में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।
रोटरडैम में 2:11:58 का समय निकालकर उन्होंने 1978 में शिवनाथ सिंह के बनाए 2:12:00 के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा था। लेकिन एशियन गेम्स में सावन ने इससे भी आगे निकलते हुए 2:11:37 का समय दर्ज किया और अपने ही रिकॉर्ड को 21 सेकंड से बेहतर कर दिया।
हाफ मैराथन से लेकर ट्रैक तक लगातार शानदार प्रदर्शन
सावन बरवाल की सफलता सिर्फ मैराथन तक सीमित नहीं है। लंबी दूरी की दौड़ में वह लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं। अक्टूबर 2024 में दिल्ली में आयोजित वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में उन्होंने 1 घंटे 2 मिनट 46 सेकंड का समय दर्ज किया था।
इसके बाद वर्ष 2025 में कोच्चि में हुई राष्ट्रीय फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सावन ने पुरुषों की 10 हजार मीटर दौड़ में 28:57.13 का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। लगातार रिकॉर्ड, पदक और बेहतर होते टाइमिंग इस बात की गवाही देते हैं कि सावन बरवाल भारतीय लंबी दूरी की एथलेटिक्स में तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी चमके सावन बरवाल, पदकों की लंबी फेहरिस्त
सावन बरवाल ने सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 5000 और 10 हजार मीटर स्पर्धाओं में उन्होंने देश के लिए कई अहम पदक जीते हैं।
वर्ष 2023 में सावन ने एशियन हाफ मैराथन चैंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके बाद वर्ष 2024 में फेडरेशन कप में 5000 मीटर का राष्ट्रीय खिताब जीतकर उन्होंने अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। वर्ष 2025 उनके करियर के लिए बेहद खास रहा। राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने 5000 और 10 हजार मीटर में स्वर्ण पदक जीते। वहीं फेडरेशन कप में भी 10 हजार मीटर का स्वर्ण पदक हासिल किया। लगातार शानदार प्रदर्शन ने सावन को देश के उभरते हुए लंबी दूरी के धावकों में एक अलग पहचान दिलाई है।
सावन की सफलता पर बधाइयों का सिलसिला
इस शानदार उपलब्धि के बाद सावन बरवाल को देश और प्रदेश से बधाइयां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, सांसद कंगना रनौत, सांसद अनुराग ठाकुर, राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत कई नेताओं और गणमान्य लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
जोगेंद्रनगर विधायक प्रकाश राणा, पूर्व मंत्री ठाकुर गुलाब सिंह ठाकुर, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता पंकज जमवाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष जीवन ठाकुर, जोगेंद्रनगर विकास मंच के संस्थापक एवं प्रदेश भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के सह संयोजक केके सकलानी और सावन के कोच गोपाल ठाकुर ने भी उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई। सभी ने सावन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



















