शिमला । राजवीर दीक्षित
(Big Diwali gift for Himachal pensioners! Announcement of arrears payment of up to 30%) मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पेंशनर्स के साथ बैठक में संशोधित वेतनमान के लंबित एरियर को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। सरकार ने क्लास-3 पेंशनर्स को 30 प्रतिशत तथा क्लास-1 और क्लास-2 पेंशनर्स को 15-15 प्रतिशत एरियर देने की बात कही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देख रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत मिलेगी और दिवाली बेहतर तरीके से मनाई जा सकेगी।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक तस्वीर पेश की है। उन्होंने कहा कि सरकार की वित्तीय स्थिति में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
इसी के साथ लंबे समय से लंबित भुगतान और वित्तीय देनदारियों को निपटाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। कर्मचारियों और पेंशनरों की देनदारियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं और उनकी मांगों से सरकार पूरी तरह अवगत है। सरकार का प्रयास है कि उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के अनुसार उन्हें राहत दी जाए।
सरकार ने पेंशनरों को राहत का भरोसा देते हुए कहा है कि वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर लंबित देनदारियों का भुगतान किया जा रहा है। इसके साथ ही अन्य वित्तीय लाभों को लेकर भी सरकार सकारात्मक रुख अपना रही है। पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर सरकार चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की बात कह रही है।
कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए बड़ी राहत के संकेत, दिवाली पर मिल सकती है खुशखबरी
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार कर्मचारियों की दिवाली अच्छी जाएगी। सरकार आने वाले एक-दो महीनों में प्रदेश की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगी। इसके बाद कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित देनदारियों को लेकर कुछ और राहत देने पर फैसला लिया जा सकता है। सरकार का कहना है कि वित्तीय अनुशासन के साथ कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा जा रहा है।
पेंशनरों के मेडिकल बिलों पर CM सख्त, विभागों को समय पर बजट मांग भेजने के निर्देश
बैठक में पेंशनरों के लंबे समय से लंबित चिकित्सा बिलों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए जरूरी बजट की मांग समय पर भेजी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विभाग बजट की डिमांड नहीं भेजेंगे, तो भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबित बिलों के निपटारे के लिए विभाग सभी आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी करें और बजट की मांग भेजना सुनिश्चित करें। सरकार का फोकस अब लंबित भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर है।
आर्थिक संकट के बीच कर्मचारियों-पेंशनरों को राहत का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और उसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। राजस्व घाटा अनुदान में कमी समेत कई वित्तीय चुनौतियां सरकार के सामने हैं, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जैसे-जैसे प्रदेश की वित्तीय स्थिति सुधरेगी, वैसे-वैसे लंबित देनदारियों के भुगतान की रफ्तार भी तेज की जाएगी।
बैठक में पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाया। इस दौरान सरकार की ओर से उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं को लेकर सरकार संवेदनशील है और बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।



















